अहमदाबाद में प्लेन क्रैश कैसे हुआ पता चल गया
12 जून 2025 को, एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए रवाना हुई थी, टेकऑफ़ के कुछ ही क्षणों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से 241 की मृत्यु हो गई, जबकि एक व्यक्ति चमत्कारिक रूप से जीवित बच गया।
✈️ दुर्घटना का विवरण :-
AI-171, एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरी। टेकऑफ़ के लगभग 33 सेकंड बाद, विमान ने 650 फीट की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद अचानक ऊंचाई खोनी शुरू कर दी और मेघानीनगर क्षेत्र में स्थित बी.जे. मेडिकल कॉलेज के छात्रावास भवन से टकरा गया। विमान के टेल सेक्शन को इमारत की छत पर अटका हुआ पाया गया।
🧑✈️ एकमात्र जीवित बचे यात्री की कहानी :-
ब्रिटिश नागरिक विश्वाश कुमार रमेश, जो सीट 11A पर बैठे थे, इस भयावह हादसे में जीवित बचने वाले एकमात्र व्यक्ति हैं। उन्होंने बताया कि विमान के एक तरफ का हिस्सा जमीन से टकराया, जिससे एक आपातकालीन द्वार खुल गया और उन्होंने उसी रास्ते से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। उनके भाई अजय कुमार, जो विमान में उनके साथ थे, इस हादसे में मारे गए।
🔍 प्रारंभिक जांच और संभावित कारण :-
जांचकर्ताओं ने दुर्घटना के संभावित कारणों के रूप में निम्नलिखित बिंदुओं की जांच शुरू की है:
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इंजन थ्रस्ट की कमी: विमान के दोनों इंजनों में अचानक शक्ति की कमी या विफलता हो सकती है।
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फ्लैप्स और स्लैट्स की स्थिति: विमान के विंग फ्लैप्स और स्लैट्स की स्थिति उचित नहीं थी, जिससे लिफ्ट में कमी आई।
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लैंडिंग गियर का खुला रहना: टेकऑफ़ के बाद भी लैंडिंग गियर को वापस नहीं लिया गया था, जो असामान्य है।
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बर्ड स्ट्राइक: कुछ विशेषज्ञों ने संभावित बर्ड स्ट्राइक की संभावना जताई है, हालांकि यह कम संभावना वाला कारण माना जा रहा है।
दोनों ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) बरामद कर लिए गए हैं और उनकी जांच जारी है।
🧑⚕️ राहत और बचाव कार्य :-
दुर्घटना के तुरंत बाद, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ और सेना की टीमों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। लगभग 130 सेना के जवान, 150 सीआरपीएफ कर्मी, और एनडीआरएफ की तीन टीमें मौके पर तैनात की गईं। अहमदाबाद नगर निगम ने मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी और कर्मचारियों को लगाया।
💰 मुआवजा और सहायता:-
टाटा समूह ने प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा देने की घोषणा की है। इसके अलावा, घायलों के इलाज का पूरा खर्च भी वहन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्घटना स्थल का दौरा किया और बचाव कार्यों की समीक्षा की।
🕊️ शोक और संवेदनाएं :-
इस हादसे में कई विदेशी नागरिकों की भी मृत्यु हुई, जिनमें 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और अन्य वैश्विक नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
Note -
यह हादसा भारत के विमानन इतिहास में सबसे भीषण दुर्घटनाओं में से एक है। जांच जारी है और विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
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